आप सभी को व्यक्तिगत रूप से यह भी करना चाहिए कि आप एक तरह से सहज योग का अध्ययन करें। अधिकांश टेप्स में मैने जो कुछ भी कहा है, उसे देखा जा सकता है ...पता लगाया जा सकता है ...कि स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा गया है... बच्चों के बारे में क्या कहा गया है... क्योंकि मै अनायास ही बातें कहती हूं... और अगर आप इन्हें अलग अलग कर सकें, तो आपको बहुत सी बातों का ज्ञान होगा... मेरा मतलब है कि यदि आप बैठें और इन टेप्स का अध्ययन करें, तो यह आपको इतनी छोटी-छोटी बातें जानने में मदद करेगा जो कि जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। आप इसे स्पष्ट कर सकते हैं... इसे लिख सकते हैं... कि मां ने इन-इन चीजों के बारे में यह-यह कहा... इस तरह से छंटनी करना हमारे लिये बहुत अच्छा होगा... किस बिंदु पर जानकारी को अलग-अलग शीर्षकों में लिखना उपयोगी होगा... उस प्रकार आवश्यकतानुसार आप उन्हें अलग-अलग शीर्षकों में रख सकते हैं, और उसे लिख सकते हैं। मां ने ऐसा कहा है... मां ने वैसा कहा है... जो कुछ भी टेप में नहीं है, उसे आपको नहीं सुनना चाहिए... जो कुछ भी टेप में है वह विश्वसनीय है... जो कुछ भी पहले से रिकार्ड है उसे स्वीकार किया जाना चाहिए (25.07.89)।
-जय श्री माताजी –